Type-2 Diabetes के मरीजों को रखना चाहिए अपनी नींद का ख्याल, स्टडी में सामने आया कैसे बन सकती है यह परेशानी की वजह

टाइप-2 डायबिटीज एक बेहद गंभीर बीमारी है जिसमें ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है। शरीर में शुगर की मात्रा ज्यादा होने की वजह से सेहत को कई नुकसान हो सकते हैं। हाल ही में एक स्टडी सामने आई है जिसमें Type-2 Diabetes के मरीजों की स्लीप साइकिल (Sleep Duration) कैसे ब्लड वेसल डैमेज के रिस्क को प्रभावित करती है यह जानने की कोशिश की गई है।

नई दिल्ली। Type-2 Diabetes and Sleep Duration: डायबिटीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, साल 2014 में 42.2 करोड़ लोगों को डायबिटीज था और साल 2019 डायबिटीज के कारण होने वाली मौतों में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई थी। आपको बता दें कि डायबिटीज (Diabetes) एक ऐसी बीमारी है, जिसमें पैनक्रियाज सही मात्रा में इंसुलिन नहीं बनाते या सेल्स उनका सही इस्तेमाल नहीं कर पाते, जिसके कारण ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा ज्यादा होने की वजह से धीरे-धीरे शरीर के अन्य अंगों को नुकसान पहुंचने लगता है। डायबिटीज की वजह से होने वाले नुकसानों में ब्लड वेसल डैमेज (Blood Vessel Damage) सबसे प्रमुख है।

क्या पाया गया स्टडी में?

हाल ही में, एक स्टडी में टाइप-2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) के मरीजों की स्लीप साइकिल कैसे ब्लड वेसल्स डैमेज को प्रभावित करती है, इस बारे में जानने की कोशिश की गई। यह स्टडी डेनमार्क में की गई है, जिसमें 396 सहभागियों को शामिल किया गया और पाया गया कि जिन टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों की स्लीप साइकिल ज्यादा लंबी या छोटी थी, उनमें माइक्रो ब्लड वेसल डैमेज का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। इसकी वजह से भविष्य में उन्हें कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

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