बीते सप्ताह जब भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज़ डब्ल्यूवी रमन ने भारतीय क्रिकेट टीम के कोच पद के लिए इंटरव्यू दिया तो इस ख़बर ने कइयों को अचरज में डाल दिया.
इससे पहले तक बाएं हाथ के एक अन्य पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज़ गौतम गंभीर को इस पद के लिए इकलौता दावेदार माना जा रहा था. हालांकि अब तक बीसीसीआई की ओर से कोच के दावेदारों को लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है.
उन्हें भारतीय क्रिकेट की दूसरी सबसे अहम चुनौतीपूर्ण ज़िम्मेदारी (सबसे चुनौतीपूर्ण ज़िम्मेदारी भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी है) के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार भी माना जा रहा था.
अगर आख़िरी समय में कोई बदलाव हो या गौतम गंभीर और बीसीसीआई के बीच वैचारिक अंतर हो जाए तो राहुल द्रविड़ की जगह लेने के लिए डब्ल्यूवी रमन का विकल्प मौजूद होगा. वैसे गंभीर के साथ तुलना में, रमन के पास कोचिंग का अनुभव कहीं ज़्यादा है.उन्होंने घरेलू क्रिकेट में बंगाल और तमिलनाडु की रणजी टीमों को कोचिंग देने के अलावा आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब टीम को भी कोचिंग दी है
इतना ही नहीं 2019 से 2021 के बीच वे भारतीय महिला क्रिकेट टीम के हेड कोच रहे हैं. रमन नेशनल क्रिकेट अकादमी में बल्लेबाज़ी के कोच भी रहे हैं.
लेकिन इन सबके बावजूद गंभीर अपनी कम उम्र और बड़े टूर्नामेंटों में टॉप क्लास के प्रदर्शन की वजह से पसंदीदा माने जा रहे हैं.
गौतम गंभीर अभी 42 साल के हैं जबकि रमन की उम्र 59 साल हो चुकी है.
भारत ने जो आख़िरी दो आईसीसी वर्ल्ड टाइटल- 2007 में वर्ल्ड टी20 और 2011 में क्रिकेट वर्ल्ड कप- जीते हैं, उनमें गौतम गंभीर की अहम भूमिका रही है. उन्होंने दोनों फ़ाइनल मुक़ाबलों में शानदार पारी खेली है.
2007 वर्ल्ड टी20 के ख़िताबी मुक़ाबले में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 54 गेंदों पर 75 रन की पारी के साथ गंभीर मैच में शीर्ष स्कोरर थे.
जबकि 2011 के वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में श्रीलंका के सामने 275 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने सातवें ओवर तक वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर के विकेट गंवा दिए थे.
लेकिन गंभीर ने न केवल पारी को संभाला बल्कि 122 गेंदों पर 97 रनों की पारी के साथ वे भारत के लिए सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ रहे.
2014 में गौतम गंभीर की कप्तानी में कोलकाता नाइटराइडर्स ने अपना दूसरा आईपीएल ख़िताब जीता था, तब रमन टीम के सपोर्ट स्टाफ़ में शामिल थे.
2022 में गंभीर लखनऊ सुपर जायंट्स के मेंटर थे और टीम शुरुआती साल में ही प्ले ऑफ़ तक पहुंचने में कामयाब रही थी.
इस साल गंभीर कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम में लौटे और मेंटर के तौर पर उन्होंने टीम को कामयाबी दिलाने वाले सभी महत्वपूर्ण फ़ैसले लिए- जैसे कि सुनील नरेन से पारी की शुरुआत कराने का फ़ैसला उनका था.
गंभीर ने कोलकाता को दो बार से ज़्यादा आईपीएल जीतने वाली तीसरी टीम बनाया.
भारत के तेज़ गेंदबाज़ वरुण एरॉन कहते हैं कि गंभीर के पक्ष में उनका कद और खेल से जुड़ी नवीनतम जानकारियों से लैस होना है.
गंभीर हाल फ़िलहाल तक खुद खेलते रहे हैं और आधुनिकतम ट्रेंड और रुझान को समझते हैं.

