सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को शराबबंदी मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतों के गठन की खातिर बुनियादी ढांचा तैयार करने में देरी पर बिहार सरकार के प्रति नाराजगी जताई। जस्टिस ने कहा कि आप विशेष अदालत के गठन के लिए सरकारी भवनों को क्यों नहीं खाली करा लेते हैं?
नई दिल्ली, आइएएनएस। बिहार में शराबबंदी मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतों के गठन की खातिर बुनियादी ढांचा तैयार करने में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को नाराजगी जताई। कहा कि जब तक बुनियादी ढांचा नहीं बन जाता, तब तक के लिए सभी आरोपितों को जमानत क्यों न दे दी जाए? जस्टिस संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि 2016 में बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम बनाया गया था। राज्य सरकार ने विशेष अदालतों के गठन के लिए अबतक जमीन का आवंटन तक नहीं किया है।पीठ ने राज्य सरकार के वकील से पूछा कि जब तक बुनियादी ढांचे का निर्माण नहीं कर लिया जाता, तब तक के लिए मद्यनिषेध कानून में गिरफ्तार सभी आरोपितों को जमानत पर रिहा क्यों न कर दिया जाए? आप विशेष अदालत के गठन के लिए सरकारी भवनों को क्यों नहीं खाली करा लेते हैं?

