जेटफ्लिक्स बनाने और चलाने के लिए पांच लोगों को दोषी ठहराया गया है। ये लोग फर्जी वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म को 2007 से चला रहे थे। जेटफ्लिक्स नाम के इस वीडियो प्लेटफॉर्म पर मूवी या वेबसीरीज रिलीज के कुछ घंटे बाद ही आ जाती थी। अमेरिकी न्याय विभाग ने एक बयान में कहा कि ये लोग बिना परमिशन अमेजन और नेटफ्लिक्स के कॉन्टेंट को इस्तेमाल कर रहे थे।
नई दिल्ली। मूवी या वेबसीरीज रिलीज होने के कुछ घंटे बाद ही लीक हो जाती है। ये सब मूवी पायरेसी या ऑनलाइन पायरेसी की वजह से होता है। कई ऐसे प्लेटफॉर्म हैं जो बिना किसी सब्सक्रिप्शन के ही फ्री में मूवी या वेबसीरीज दिखा देते हैं। अब एक ऐसा ही मामला लास वेगास अमेरिका से सामने आया है।जिसमें कुछ लोगों ने जेटफ्लिक्स नाम से एक वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म बनाया और उस पर पिछले कई सालों से पायरेटेड कॉन्टेंट लोगों को परोस रहे थे। जिसके बारे में अब जाकर खुलासा हुआ है और पांच लोगों को इसमें दोषी पाया गया है।
सालों से चल रहा था खेल
जेटफ्लिक्स बनाने और चलाने के लिए पांच लोगों को दोषी ठहराया गया है। ये लोग फर्जी वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म को 2007 से चला रहे थे। जेटफ्लिक्स नाम के इस वीडियो प्लेटफॉर्म पर मूवी या वेबसीरीज रिलीज के कुछ घंटे बाद ही आ जाती थी। इन लोगों ने ग्राहकों से इस सर्विस के लिए हर माह $9.99 लिए और लोगों तक 183,000 से अधिक टीवी एपिसोड और 10,000 फिल्में पहुंचाई।
कॉपीराइट पॉलिसी का उल्लघंन
लास वेगास में एक संघीय जूरी ने जेटफ्लिक्स चलाने वाले इन सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। क्रिस्टोफर डेलमैन, डगलस कॉर्सन, फेलिप गार्सिया, जेरेड जौरेकी और पीटर ह्यूबर सालों से कॉपीराइट पॉलिसियों का उल्लघंन कर रहे थे। यह भी कहा गया है कि डेलमैन नाम का शख्स जेटफ्लिक्स को ऑपरेट करता था। इस मनी लॉन्ड्रिंग के भी आरोप लगे हैं।

