माउंट एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ाई करने वाली भारत की पहली महिला बछेंद्री पाल की कामयाबी के तीन दशक बाद वहां फिर भारत की सफलता का परचम लहरा रहा है। एक सप्ताह के भीतर बृहस्पतिवार को वहां एक बार फिर तिरंगा लहराया। अरुणाचल प्रदेश की दूसरी युवती 32 वर्षीया अंशु जैमसेंपा ने यह कामयाबी हासिल की है। अरुणाचल में बोमडिला की जैमसेंपा रातभर की चढ़ाई के बाद बृहस्पतिवार को सुबह 7 बजे 8,848 मीटर ऊंची एवरेस्ट की चोटी पर पहुंची।
इससे पहले सोमवार को अरुणाचल की ही 25 वर्षीया टिने मेना ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ने में सफलता हासिल की थी। एवरेस्ट की चढ़ाई करने वाली उत्तर-पूर्व की पहली महिला का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। जैमसेंपा की यात्रा का प्रबंध करने वाली काठमांडू स्थित कंपनी ‘अरुण ट्रेक्स’ के महाप्रबंधक दावा लामा ने बताया कि वह अपने नेपाली मार्गदर्शक लहाकपा रंगदु शेरपा, नगिमा नुरू शेरपा तथा लहाकपा छिरी शेरपा के साथ एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचीं।
एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ाई करने वाले जिस दल में जैमसेंपा शामिल हैं, उसमें नौ सदस्य हैं। जैमसेंपा के अतिरिक्त इसमें तीन और भारतीय हरियाणा के अमित कुमार (30), उड़ीसा के गणेश चंद्र जेना (39) और राजस्थान के जैकी जैक्स खजूरिया (30) शामिल हैं। लामा के मुताबिक, जेना शुक्रवार को अंतिम चढ़ाई शुरू करेंगे, जबकि अन्य दो अभी अपना अभ्यास पूरा करना है।
जैमसेंपा के अतिरिक्त कनाडा की दो और नेपाल की 27 वर्षीया चुरिम शेरपा ने भी बृहस्पतिवार को एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने में कामयाबी पाई। इस सप्ताह एक अन्य भारतीय दल को एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ाई शुरू करनी है, जिसमें पति-पत्नी का एक जोड़ा भी शामिल है। इनके नाम विकास और सुषमा कौशिक हैं। साथ ही भारतीय वायु सेना का एक दल भी है, जिसमें आठ महिलाएं हैं।