Girish Pankaj
गिरीश पंकज
सम्पादकीय सलाहकार
Arun Kumar Jha
अरुण कुमार झा
प्रधान संपादक
Rajiv Anand
राजीव आनन्द
संपादक
Vinay Kumar Mishra
विनय कुमार मिश्र
संपादन सहयोगी
• गांधी जी की शहादत • 10 लाख डॉलर कीमत की है आलू की यह तस्वीर • बिल गेट्स से दोगुनी संपत्ति है पुतिन के पास जानिए इस रईस को • षष्ठम अन्तर्राष्ट्रीय ब्लागर सम्मेलन (थाईलैण्ड) • भारत के रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर रांची के पहाड़ी मंदिर पर विश्व का सबसे ऊँचा राष्ट्रीय तिरंगा फहराकर इतिहास रचा • संगीता सिंह भावना की तीन कविताएँ • नमो पतंगबाजी की धूम • ट्रैफिक सुरक्षा सप्ताह का दूसरा दिन  • जबरा करे तो दिल्लगी, गबरू का गुनाह…!!

साहित्य


पुस्तक विमोचन

इतिहासकार शेखर पाठक ने भी वापस किया ‘पद्म श्री’

वैज्ञानिक विचारों और विवेकपूर्ण सोच के ख़िलाफ़ बढ़ती कथित असहिष्णुता के विरोध में पुरस्कार लौटाने के सिलसिले में सोमवार को एक और नाम जुड़ गया है. हिमालयी इतिहास और पर्यावरण के विशेषज्ञ माने जाने वाले इतिहासकार डा. शेखर पाठक ने अपना पद्मश्री सम्मान लौटाने की घोषणा की है. उन्होंने ये घोषणा नैनीताल में, एमएम कुलबुर्गी…


गीतकार साहिर लुधियानवी की याद में मुशायरा

तू हिन्दू बनेगा न मुसलमान बनेगा, इंसान की औलाद है इंसान बनेगा. इस सुन्दर गीत को लिखने वाले शायर थे साहिर लुधियानवी साहब ,इनका जन्म 8 मार्च 1921 को हुआ था और निधन 25 अक्तूबर १९८० को हुआ ! नई दिल्ली में “अखिल भारतीय उर्दू- हिंदी एकता अंजुमन” ,द्वारा तनेजा टायर वर्ल्ड सभागार ,नागलोई ,में…


महेंद्र भटनागर

डॉ॰महेंद्रभटनागर की काव्य-गंगा

-दिनेश कुमार माली भले ही,डॉ॰ महेंद्रभटनागर से मैं अभी तक व्यक्तिगत तौर पर नहीं मिल पाया, मगर उनसे मेरी जान-पहचान आठ-दस साल पहले अंतरजाल पर हुई थी।उस समय मैं अपने पहले हिन्दी ब्लॉग “सरोजिनी साहू की श्रेष्ठ कहानियाँ” पर काम कर रहा था। उस दौरान डॉ॰ महेंद्रभटनागर अंतरजाल पर काफी सक्रिय थे और आज भी…


संगोष्ठी

पुरस्कार वापसी मुद्दे पर रांची में विचार गोष्ठी

झारखण्ड हिंदी साहित्य व संस्कृति मंच के तत्वाधान में 31 अक्टूबर को रांची में एक विचार गोष्ठी सह शरद उत्सव का आयोजन किया गया. इस गोष्ठी में विद्याभूषण. माया प्रसाद. वीना श्रीवास्तव. अनूप भदानी. नीरज कुमार नीर. इनके अलावा दर्जन भर स्थानीय लेखक, कवि. साहित्यकार, उक्त अवसर पर उपस्थित रहे. काव्य पाठ्य के अलावा देश…


अगर हम लेखकों के विरोध को नहीं समझ रहे हैं तो यह हमारी गलती है..

-प्रियदर्शन॥ जिन्हें सरकार और उसके लोग बेहद मामूली, अनजान से लेखक बता रहे हैं, उनका विरोध इसलिए महत्वपूर्ण है कि हमारी बहुत सारी विफलताओं से प्रतिरोध का जो स्वर मर गया था, वह अचानक सांस लेने लगा है. बायें से) अशोक वाजपेयी, काशीनाथ सिंह और उदय प्रकाश अपना साहित्य अकादमी सम्मान वापस करने का ऐलान…


पुनर्जन्म

श्रीधर सरकारी सेवा में रहकर भी भ्रष्ट सरकारी सेवकों के कुप्रभावों से अपने को दूर रखकर बड़ी ही ईमानदारी एवं सत्यनिष्ठा के साथ सरकारी कामकाज एवं दायित्वों को ससमय पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ता था। वह अपने बचे समय का उपयोग घर के लोगों को सदआचरण एवं कर्तव्यबोध से सराबोर करनमें में किया…


रेणु कुमारी की दो मर्मस्पर्शी कविताएं

माँ, पढ़ाई……शांति….. रेणु कुमारी हम सब कितना पढ़ते हैं पर कोई नहीं पढता माँ की तरह वह चेहरे की त्वचा और पेशियों को पढ़ती है और समझ जाती है कि कितने भूखे और कितने खाए हैं हम कितनी खुशी और कितना गम है हममें एक माँ जितना पढ़ती है उतना कोई नहीं पढता दुनिया में…


भूखे की हंसी

मैं अदरख, धनिया और हरी-मिर्च खरीद रहा था। बेचने वाले से लगातार मिलते-जुलते रहने से जान पहचान हो गयी थी। उसे खांसते देखकर मैंने उसे कुछ होमियोपैथिक दवाईयां बतायी। वह कहने लगा, दवाईयां क्या खाउंगा सर, इसी तरह सुबह-शाम काम करते-करते बीच में ही सांसे रूक जायेंगी, बस। मैंने उसे गौर से देखा, उस पर…


सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ 28वीं पुण्यतिथि पर विशेष

शेखर एक जीवनी का तीसरा खंड आज तक अप्रकाशित क्यों ? राजीव आनंद सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ एक मुर्धन्य साहित्यकार, एक जीवट क्रांतिकारी, एक यायावर और एक संवेदनशील मनुष्य थे। नयी कविता और आधुनिक साहित्य में प्रयोग के प्रणेता रहे अज्ञेय अपनी एक बड़ी ही तीक्ष्ण तंजात्मक कविता साॅंप में कहते हैं- साॅंप तुम सभ्य…


कैलाश वाजपेयीः एक दार्शनिक-आघ्यात्मिक कवि

स्मृतिशेष राजीव आनंद 11 नवंबर, 1936 को उतरप्रदेश के हरीमपुर में जन्में कैलाश वाजपेयी का 1 अप्रैल को दिल का दौरा पड़ने से दिल्ली के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया। उन्हें उनकी बेटी अनन्या ने मुखाग्नि दी। नेहरू युग से मोहभंग के काल में सर्वाधिक प्रभावित नई कविता के नई कवियों में प्रमुख कवि…


भवानी प्रसाद मिश्रः हिन्दी जगत का अलबेला कवि

जयंती के पूर्व संघ्या पर विशेष राजीव आनंद मघ्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में 29 मार्च 1913 को जन्में भवानी प्रसाद मिश्र दूसरे सप्तक के प्रमुख कवि है। सृजन की भावुकता और जीवन की व्यवहारिकता के बीच के द्वंद्व को बड़े बेबाकी से अभिव्यक्त किया है अपनी कविताओं में भवानी प्रसाद मिश्र ने। ईमानदारी की प्रतिमूर्ति…


एक कविता-कृषक

अमिय, सुधा उपजाने वाला नित्य हलाहल पीता है देख! कृषक भारत का किस हाल में जीता है ओजहीन मुख गाल धसा है वक्ष के नीचे पेट फंसा है वस्त्र फंटे हैं बालों में तेल नहीं यह व्यवस्था का दोष है विधाता का कोई खेल नहीं खेतों की दरारें कृषक के पांव तक बढ़ गयी है उसके…


शार्ली के कार्टूनिस्ट ने कहा ‘अब नहीं बनाऊंगा पैगंबर के कार्टून

पैरिस। फ्रेंच मैगजीन शार्ली एब्दो के कार्टूनिस्ट लुज ने कहा है कि वह अब पैगंबर के कार्टून नहीं बनाएंगे । लुज ने मैगजीन दफ्तर पर हुए हमले के बाद शार्ली एब्दो के कवर पिक्चर के लिए पैंगबर का कार्टून बनाया था । मैगजीन के ऑफिस पर इस्लामी आतंकवादियों ने हमला किया था, जिसमें 12 लोग…


भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव की कुर्बानी पर परिचर्चा का आयोजन

गिरिडीह। शहर के न्यूबरगंडा स्थित साहित्य दर्पण तंत्र के कार्यालय में सोमवार को भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव की कुर्बानी पर परिचर्चा का अयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता देव शंकर मिश्र व संचालन उदय मोहन पाठक ने किया। कार्यक्रम का प्रारंभ ओमीलाल आजाद भू. पू. विधायक, राजेश कुमार पाठक, सांख्यिकी पर्यवेक्षक, सदर प्रखंड गिरिडीह,…


भविष्य घट रहा है

स्व. कैलाश वाजपेयी रचित कविता ‘भविष्य घट रहा है’ की कविताओं में प्रेम और शेषप्राय पारस्परिकता के बीच सोये-खोये वे रिक्त-स्थल भी मुखर हैं जो सर्वथा नये हैं या फिर जो रोजमर्रा की जिन्दगी जीते आदमी की पकड़ से चुपचाप छूट जाते हैं। आज की सार्थक हिन्दी कविता के पाठकों के लिए एक विचारोत्तेजक कविता-…


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