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नेपाल में बिहारी छात्र की मौत


नेपाल में मधेशी आंदोलन तेज होता जा रहा है. आज इस आंदोलन में एक बिहारी छात्र की मौत हो गयी. मृतक छात्र का नाम आशीष कुमार बताया जा रहा है जो दरभंगा बिहार का रहने वाला था. नेपाल में नये संविधान का विरोध कर रहा यह समुदाय लगातार अपने हक में आवाज उठा रहा है. इसे लेकर नेपाल और भारत के मजबूत रिश्तों पर भी असर पड़ रहा है. भारत ने भी अपील की है कि नेपाल अपने इस अंदरूनी मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाये दूसरी तरफ मधेशियों को आंदोलन तेज होता जा रहा है. नेपाली पुलिस ने भारत-नेपाल सीमा प्रवेश स्थल स्थित महत्वपूर्ण मितेरी पुल पर आंदोलन कर रहे मधेशी प्रदर्शनकारियों पर आज तड़के लाठियां बरसायी और उनके तंबुओं को जला डाला जिसके बाद 40 दिनों में पहली बार मुख्य बीरगंज-रक्सौल सीमा स्थल को खोल दिया गया. गृह मंत्रालय के प्रवक्ता लक्ष्मी प्रसाद ढकाल ने बताया कि तड़के साढ़े चार बजे पुलिस ने बीरगंज-रक्सौल कारोबारी मार्ग पर कार्रवाई करते हुए पांच प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया. इस सीमा स्थल के जरिए करीब 70 प्रतिशत द्विपक्षीय कारोबार होता है. अब इस आंदोलन में गयी एक युवक की जान आंदोलन की आग को और तेज करने की कोशिश करेगी.

सुरक्षा कर्मियों ने नेपाल-भारत सीमा के बीच पुल पर लगाए गए तंबुओं में सो रहे 10 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसायी। प्रदर्शनकारियों के तंबुओं और बिस्तरों में आग लगा दी गयी. इसके बाद करीब 170 खाली ट्रक नेपाल में जरुरी सामान की आपूर्ति के बाद सीमा स्थल के जरिए भारत में घुसे। एक महीने से ज्यादा समय तक मधेशी आंदोलनकारियों के कारोबारी मार्ग को बंद करने से ये ट्रक फंस गए थे। सुरक्षा कर्मियों की मदद से सीमा को आज फिर खोला गया. नेपाल के तराई क्षेत्र के भारतीय मूल के बाशिंदो के हितों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले मधेशी रक्सौल के निकट मुख्य कारोबार स्थल के नजदीक प्रदर्शन कर रहे हैं. उनके आंदोलन के कारण जरुरी सामान की आपूर्ति रुक गयी जिससे नेपाल में ईंधन का घोर संकट पैदा हो गया था.

नाकेबंदी के कारण सीमा के नेपाल की ओर फंसे करीब तीन दर्जन भारतीय ट्रक ड्राइवर भारत की अपनी वापसी की मांग करते हुए पिछले कुछ दिनों से बीरगंज में भारतीय वाणिज्य दूतावास कार्यालय के सामने धरने पर बैठे हुए थे. ढकाल ने बताया कि नेपाल में घुसने के लिए भारतीय अधिकारियों से मंजूरी के इंतजार में वाहनों की 15 किलोमीटर तक लंबी लाइन लग गयी. इन वाहनों के जरिए चारों तरफ से भूमि से घिरे देश में जरुरी ईंधन, एलपीजी गैस, दवा और खाद्य सामग्री पहुंचायी जाती है. रक्सौल-बीरगंज कारोबार सीमा स्थल पर पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ मधेशी समूहों ने बीरगंज के विभिन्न जगहों पर आज प्रदर्शन किया. ढकाल ने बताया, ‘‘हमने भारतीय प्राधिकारों से नेपाल की गाडियों को छोडने के लिए लगातार अनुरोध किया है , लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी।’ उन्होंने बताया कि अब मुख्य कारोबारी सीमा प्रवेश मार्ग रक्सौल-बीरगंज खुल गया है तो नेपाल में जरुरी सामग्री लेकर घुसने वाले वाहनों को सुरक्षा देने में हम सक्षम हैं.

देश के नये संविधान को लेकर नेपाल सरकार और मधेशी समूहों के बीच वार्ता कल बिना किसी निर्णय के समाप्त हो गयी लेकिन उपप्रधानमंत्री कमल थापा ने कहा कि वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ रही है. मधेशी मोर्चे की प्रमुख मांगों में संघीय प्रांतों को फिर से चिन्हित करने तथा और अधिकारों का समावेश करने और भारतीय मूल के मधेशी लोगों का प्रतिनिधित्व किया जाना शामिल है. हालिया प्रदर्शन में जान गंवाने वालों को शहीद का दर्जा, घायलों को निशुल्क उपचार, पीडित परिवारों को मुआवजा और तराई जिले से सुरक्षा बल हटाने समेत कुछ अन्य मांगे हैं. गठबंधन दो महीने से ज्यादा समय से लागू नये संविधान के सात प्रांत मॉडल के खिलाफ दक्षिणी नेपाल के विभिन्न भागों में प्रदर्शन कर रहा है. 20 सितंबर को औपचारिक तौर पर संविधान लागू होने के बाद से चारों तरफ से भूमि से घिरे नेपाल के दक्षिणी हिस्से में तनाव बढ गया है.

हिंसक आंदोलन में 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी। भारत से नेपाल को सामान और ईंधन की आपूर्ति बुरी तरह से बाधित होने के कारण दोनों देशों के संबंधों पर भी असर पडा. बहरहाल, चीन से पेट्रोल लेकर आ रहे 12 ट्रक आज रसूवगाढी सीमा मार्ग से नेपाल में घुसे। नेपाल ऑयल कॉरपोरेशन और पेट्रो चाइना के बीच कुछ दिनों पहले बीजिंग में समझौते के बाद इन टैंकरों के जरिए पहली बार 144,000 लीटर पेट्रोल और डीजल नेपाल लाया गया. चीन में नेपाल के दूत महेश मास्के ने एक टेलीविजन चैनल को आज बताया कि चीन नेपाल को उसकी मांग की तिहाई जरुरत को पूरा करने के लिए पेट्रोलियम पदार्थ की आपूर्ति पर सहमत हुआ है. उन्होंने बताया कि समझौते के तहत चीन पेट्रोल, डीजल, एलपी गैस और एयर गैसोलीन की आपूर्ति करेगा. चीन ने त्योहारी मौसम के दौरान अनुुदान आधार पर नेपाल को 1000 मीट्रिक टन तेल यानि 12 लाख लीटर तेल मुहैया कराने की घोषणा की है

नेपाल में बिहारी छात्र की मौत : प्रधानमंत्री मोदी नाराज, नेपाली राजदूत तलब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में गोलीबारी में बिहार के एक युवक की जान जाने पर आज ‘‘हैरत’ जताई और अपने नेपाली समकक्ष के पी ओली के साथ टेलीफोन पर बातचीत के दौरान विस्तृत ब्यौरा देने का आग्रह किया. यहां तक कि भारत ने इस घटना को लेकर हिमालयी देश के दूत को तलब भी किया.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने यहां बताया ‘‘प्रधानमंत्री ने नेपाल में पुलिस की गोलीबारी में बिहार के एक युवक के मारे जाने पर हैरत जताई और घटना की निंदा की.’ पीएमओ के अनुसार, टेलीफोन पर बातचीत के दौरान मोदी ने घटना को लेकर चिंता जताई और विस्तृत ब्यौरा देने का आग्रह किया.

नेपाल के गृह मंत्रालय के सूत्रों ने काठमांडो में बताया कि बीरगंज कस्टम्स के समीप शंकराचार्य गेट पर प्रदर्शनकारियों पर जब पुलिस ने गोलीबारी की तो बिहार के रक्सौल निवासी 19 वर्षीय आशीष राम की सिर में गोली लगने से मौत हो गई. बहरहाल मोदी ने नेपाली प्रधानमंत्री को आश्वासन दिया कि भारतीय पक्ष की ओर से ईंधन और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में कोई रुकावट नहीं होगी.

पीएमओ ने कहा ‘‘साथ ही प्रधानमंत्री ने नेपाली नेताओं से संकट का शीघ्र और प्रभावी समाधान निकालने की दिशा में काम करने का आग्रह भी किया.’ भारत ने नेपाल के राजदूत दीप कुमार उपाध्याय को तलब कर उनसे कहा कि बीरगंज में गोलीबारी की घटनाओं को लेकर वह ‘‘बहुत ज्यादा चिंतित’ है.

उपाध्याय से यह भी कहा गया कि नेपाल जिन मुद्दों का सामना कर रहा है वह राजनीतिक प्रकृति के हैं और बलपूर्वक उनका समाधान नहीं किया जा सकता. उन्हें कहा गया कि टकराव की वर्तमान स्थिति के कारणों से नेपाल की सरकार को पूरी विश्वसनीयता और कारगर तरीके से निपटने की जरुरत है.

इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने कहा कि भारत ने अपने मालवाहक ट्रांसपोर्टरों से कहा है कि खुद को खतरे में नहीं डालें. इस मशविरे के जारी होने के बाद नेपाल में आपूर्ति का संकट गहरा सकता है. उन्होंने कहा कि भारतीय मालवाहकों और ट्रांसपोर्टरों ने सीमा के पार खराब होती स्थिति पर आज फिर चिंता जाहिर की है.

विकास स्वरुप ने कहा, ‘‘हम उन्हें सलाह दे रहे हैं कि सावधानी बरतें और खुद को खतरे में नहीं डालें. हम सावधानीपूर्वक स्थिति की निगरानी कर रहे हैं.’ नेपाल में सितम्बर में संविधान लागू होने के बाद से भारतीय मूल की मधेसी आबादी आंदोलन कर रही है क्योंकि उनका मानना है कि देश का नया संविधान उनके प्रति भेदभाव करने वाला है और दूसरे नेपाली नागरिकों की तरह उन्हें बराबरी का अधिकार नहीं देता.

आंदोलन की वजह से नेपाल में पेट्रोल सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हो गई और वहां समस्या उत्पन्न हो गई. हिमालयी देश ने भारत पर ‘‘आर्थिक नाकेबंदी’ करने का आरोप लगाया जिसका भारत ने खंडन किया. भारत ने कहा कि नेपाल में प्रदर्शनों की वजह से आपूर्ति बाधित हुई.

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