Girish Pankaj
गिरीश पंकज
सम्पादकीय सलाहकार
Arun Kumar Jha
अरुण कुमार झा
प्रधान संपादक
Rajiv Anand
राजीव आनन्द
संपादक
Vinay Kumar Mishra
विनय कुमार मिश्र
संपादन सहयोगी
• गांधी जी की शहादत • 10 लाख डॉलर कीमत की है आलू की यह तस्वीर • बिल गेट्स से दोगुनी संपत्ति है पुतिन के पास जानिए इस रईस को • षष्ठम अन्तर्राष्ट्रीय ब्लागर सम्मेलन (थाईलैण्ड) • भारत के रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर रांची के पहाड़ी मंदिर पर विश्व का सबसे ऊँचा राष्ट्रीय तिरंगा फहराकर इतिहास रचा • संगीता सिंह भावना की तीन कविताएँ • नमो पतंगबाजी की धूम • ट्रैफिक सुरक्षा सप्ताह का दूसरा दिन  • जबरा करे तो दिल्लगी, गबरू का गुनाह…!!

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने फिल्म निर्माताओं के साथ झारखण्ड में फिल्म निर्माण की संभावनायों पर बैठक की


– फिल्म निर्माण से जूड़ी हस्तियों ने रघुवर सरकार की सराहना की
– रघुवर कैबिनेट से पारित फिल्म नीति की मुक्त कंठ से प्रशंसा की
– फिल्म सिटी बनाने पर दिया जोर
झारखण्ड में फिल्म निर्माण से जूड़े हस्तियों ने मुख्यमंत्री रघुवर दास सरकार द्वारा कैबिनेट से पारित फिल्म नीति की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा राज्य सरकार ने निष्पक्ष एवं ईमानदारी पूर्वक फिल्म नीति का निर्माण करते हुए फिल्म के विकास और फिल्म निर्माण से जूड़े लोगों की समस्याओं को समाप्त करने के लिए विशेष कदम उठाया है। सूचना भवन में फिल्म निर्माण से जूड़ी विषयों पर आयोजित प्रथम बैठक में ये बातें उभरकर सामने आयी। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के निदेशक अवधेश कुमार पांडेय ने आगत फिल्म अतिथियों को फिल्म नीति और उसके निर्माण से संबंधित प्रमुख बाते बतायी और आगत अतिथियों से फिल्म सिटी के निर्माण से संबंधित सूझाव देने को कहाए जिस पर आगत अतिथियों ने खुलकर अपनी बातें रखी।
मुंबई से आये फिल्म निर्माता अशोक शरण का कहना था कि वे राज्य सरकार की फिल्म नीति की सराहना करते है, क्योंकि इससे निश्चय ही राज्य में फिल्म निर्माण की संभावनाओं को बल मिलेगा और राज्य की प्रतिभा गौरवान्वित होंगी। उन्होंने पतरातू में फिल्म सिटी बनाने की योजना को भी सराहा।
सुप्रसिद्ध डाक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता मेघनाथ ने कहा वे फिल्म नीति में रखे गये बातों से सहमत हैए साथ ही वे फिल्म के विकास के लिए फिल्म सिटी का भी समर्थन करते हैए पर वो फिल्म सिटी कैसा होए रामोजी फिल्म सिटी की तरह हो या केरल के फिल्म विकास निगम की तरह होए इस पर चर्चा होनी चाहिए।
फिल्म निर्माण से ही जूड़े श्री प्रकाश का कहना था कि वे भी फिल्म नीति का समर्थन करते हैए साथ ही उनका मानना है कि इस नीति में फिल्म के विकास और झारखण्ड के हितों को देखते हुए जो प्रयास किये गये हैए उसमें ईमानदारी दीखती है। उन्होंने कुछ सुझाव भी रखेए जिसमें फिल्म नीति बनने के बाद उसके क्रियान्वयन से संबंधित बातों का समावेश था।
बीजू टोप्पो ने झारखंड फिल्म विकास निगम के शीघ्र गठन जबकि अनिल सिकदरए सुशील अंकणए सच्चिदानन्द खलखोए अरविन्द सहायए धनंजय नाथ तिवारी आदि फिल्म से जूड़े हस्तियों ने पतरातू में फिल्म सिटी के निर्माण पर सहमति जतायी। प्रबल महतो ने क्षेत्रीय फिल्मों के प्रोत्साहन हेतु सरकार से विशेष प्रयास करने को कहाए जबकि जमशेदपुर से आये संताली फिल्म के निर्माण से जूड़े रमेश हांसदा का कहना था कि राज्य सरकार की जितनी प्रशंसा की जाय कम हैए क्योंकि झारखंड निर्माण के 15 साल बाद किसी सरकार ने फिल्म निर्माण से जूड़े लोगों की समस्याओं को अपना समझा। फिल्म नीति लाया। इसलिए हम मुख्यमंत्री रघुवर दास की विशेष रुप से सराहना करते हैए साथ ही इस फिल्म नीति के निर्माण से जूड़े सभी अधिकारियों की भी सराहना करते है।

सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के निदेशक अवधेश कुमार पांडेय ने कहा कि आगामी फरवरी में जनसम्पर्क विभाग एक कार्यशाला आयोजित करेगाए जिसमें फिल्म निर्माण से जूड़ी समस्याओं पर चर्चा होगीए साथ ही फिल्म के विकास पर भी लोगों से मशविरा किया जायेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Youtube
Sensex

अन्य ख़बरें

Submit Your Article

Copyright © 2015. All rights reserved. Powered by Origin IT Solution