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व्यापारियों का ई कॉमर्स पोर्टल ई लाला आज नई दिल्ली में हुआ लांच


वेंकैय्या नायडू का उद्घाटन भाषण

                                                                                                                    वेंकैय्या नायडू का उद्घाटन भाषण

देश के व्यापारी अपनी दुकानों के साथ-साथ ई कॉमर्स पोर्टल पर भी सुविधा से व्यापार कर सकें, इस उद्देश्य को लेकर कन्फेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज नई दिल्ली में व्यापारियों के अपने ई कॉमर्स पोर्टल ई लाला.बिज को लांच किया ! वस्तु एवं सेवाओं को ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराने वाला यह देश में पहला ई कॉमर्स पोर्टल है !
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री श्री एम. वेंकैय्या नायडू ने वैदिक मन्त्रों एवं शंख की ध्वनि एवं कारोबारी उमंग के बीच हुए एक बड़े कार्यक्रम में ई लाला को लांच किया जिसमें मार्च 2016 तक देश के 100 शहरों से 50 हजार विक्रेताओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है ! कार्ड भुगतान तकनीक में विश्व की सबसे बड़ी कम्पनी मास्टरकार्ड और देश के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक सुरक्षित एवं सुविधापूर्वक भुगतान व्यवस्था प्रदान करने के लिए ई लाला से जुड़े हैं ! इस समारोह में देश के विभिन्न राज्यों के व्यापारी नेताओं तथा मास्टरकार्ड और एचडीएफसी बैंक के शीर्ष अधिकारीयों के अलावा प्रसिद्द वास्तुकार वास्तुशास्त्री डॉ.खुशदीप बंसल भी मौजूद थे!
ई लाला में केवल वही व्यक्ति विक्रेता बन सकता है जिसका पहले से ही अपना व्यावसायिक प्रतिष्ठान है वहीँ दूसरी ओर ई लाला पर ख़रीदे गए सामान का भुगतान पोर्टल की बजाय सीधे विक्रेता को ही किया जाएगा !सामान की डिलीवरी मुख्यत : विक्रेता द्वारा ही की जाएगी ! यह सही मायनों में एक मार्केटप्लेस होगा जिसमें भुगतान ओर डिलीवरी पर पोर्टल का कोई नियंत्रण नहीं होगा !
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा लांच किये गए डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को बल प्रदान करते हुए ई लाला पोर्टल पर ख़रीदे गए सामान का भुगतान क्रेडिट-डेबिट कार्ड अथवा नेट बैंकिंग के माध्यम से ही सुनिश्चित करेगा जबकि अन्य पोर्टल अधिकतर नकद भुगतान ही स्वीकार करते हैं ! हालाकिं शुरुआत में यदि खरीददार नकद भुगतान करना चाहता है तो ई लाला पर वो भी स्वीकार किया जाएगा ! विशेष बात यह है की माल की डिलीवरी करने वाला व्यक्ति भी अपने साथ कार्ड भुगतान मशीन या मोबाइल वॉलेट लेकर जायेगा और उपभोक्ता से उसी के माध्यम से भुगतान करने का आग्रह करेगा !
इस अवसर पर कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी.सी.भरतिया ने कहा की देश में यह पहला मौका है जब भुगतान तकनीक में विश्व की सबसे बड़ी कम्पनी, देश का बड़ा बैंक और देश में व्यापारियों के सबसे बड़े संगठन ने एक साथ मिलकर देश में ई कॉमर्स के लिए एक अनूठे पोर्टल की शुरुआत की है जिसमें क्रेता और विक्रेता के बीच सीधा संपर्क होगा ! ई लाला देश के व्यापारियों को ऐसा तकनीकी प्लेटफार्म प्रदान कर रहा है है जिसमें व्यापारी आसानी से अपनी ऑनलाइन दुकान खोल सकते हैं !
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खण्डेलवाल ने कहा की गत कुछ वर्षों में देश में इंटरनेट का प्रयोग और ऑनलाइन खरीद करने वालों की संख्या बेहद तेजी से बढ़ी है! वर्ष 2009 में देश में 3 .8 बिलियन लोग इंटरनेट का उपयोग कर रहे थे वहीँ वर्ष 2013 में यह संख्या 12 .6 बिलियन एवं जून 2015 में यह संख्या 35 .4 बिलियन थी ! इसी तरह वर्ष 2014 में लगभग 35 मिलियन लोग ऑनलाइन खरीदी कर रहे थे जो इस वर्ष के अंत तक 100 मिलियन से ज्यादा होना संभावित है ! वर्ष 2011 में लगभग 3600 करोड़ रुपये का सामान ऑनलाइन के माध्यम से बिक जबकि केवल चार वर्ष के अंतराल में वर्तमान वर्ष में यह बिक्री 53000 हजार करोड़ रुपये से अधिक होने की सम्भावना है !
श्री भरतिया एवं श्री खण्डेलवाल ने कहा की देश में ऑनलाइन शॉपिंग का यह चलन कई वजहों से बढ़ा है जिनमें विशेष रूप से देश में ब्रॉडबैंड इंटरनेट का अधिकाधिक उपयोग एवं स्मार्ट मोबाइल फ़ोन का अत्यधिक उपयोग महत्वपुर्ण हैं ! वहीँ दूसरी ओर लोगों की व्यस्तता, शहरों में ट्रैफिक जाम, ऑफलाइन शॉपिंग के लिए समय न निकाल पाना ओर घर बैठे ही इंटरनेट पर सुविधापूर्वक खरीदी करना भी मुख्य वजह है !
मास्टरकार्ड के एशिया पैसिफिक को-प्रेजिडेंट श्री आरी सरकार ने कहा की डिजिटलीकरण के प्रति भारत सरकार की प्रतिबध्दता पब्लिक-प्राइवेट साझेदारी के अनेक अवसर उपलब्ध कराती है ! ई लाला के माध्यम से कैट, मास्टरकार्ड एवं एचडीएफसी देश को एक मजबूत ई कॉमर्स पोर्टल देंगे और गैर कॉर्पोरेट क्षेत्र के 5 .77 करोड़ छोटे व्यवसायिओं को विश्वस्तरीय डिजिटल कॉमर्स तकनीक से जोड़ेंगे ! मास्टरकार्ड ई लाला में अपने सरल कॉमर्स प्लेटफार्म के द्वारा भुगतान के नए तकनिकी विकल्पों को प्रदान करेगा जिसके माध्यम से छोटे व्यवसायी नए ग्राहकों तक आसानी से पहुंचेंगे और ई कॉमर्स एवं मोबाइल कॉमर्स के जरिये सरल भुगतान संभव हो सकेगा और बड़े स्तर पर सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा सकेगा !
एचडीएफसी बैंक की ब्रांच बैंकिंग हेड और ई कॉमर्स की को-हेड श्रीमती स्मिता भगत ने कहा की एचडीएफसी बैंक की डिजिटल बैंकिंग नीति लोगों को सरल और सुरक्षित भुगतान सुनिश्चित करेगी !एचडीएफसी कैट एवं मास्टरकार्ड के साथ मिलकर देश को सबसे बड़ा ई पोर्टल देगी जिसमें कोने कोने से लाखों छोटे व्यापारियों को ऑनलाइन बिक्री के लिए जोड़ा जायेगा ! देश में छोटे व्यवसायिओं को एचडीएफसी बैंक न केवल ऑनलाइन भुगतान बल्कि सभी प्रकार की बैंकिंग सुविधाएँ मुहैय्या करायेगा !श्रीमती भगत ने कहा की देश की अर्थव्यवस्था में छोटे व्यापारी रीड की हड्डी जिनको मजबूत किया जाना बेहद जरूरी है ! अर्थव्यवस्था की मुख्य धारा से जोड़ने में कैट के साथ मिलकर एचडीएफसी बैंक ई व्यापार का एक बेहतर वातावरण बनाएगा !

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