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राज्य तीव्र गति से विकास के पथ पर अग्रसर हो, यही मेरी प्रबल इच्छा है : राज्यपाल झारखण्ड


माननीया राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि झारखंड के राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण करने के पश्चात से ही वे आमलोगों की जनसमस्याओं से बेहतर ढंग से अवगत होने हेतु प्रत्यक्षतः आमजनों निंरतर मिलती हैं तथा उनकी समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सूनती हैं। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग मेरे समक्ष शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि हस्तांतरण आदि संबंधित अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर आते हंै तथा निदान हेतु पहल करने का आग्रह करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी नागरिकों को उनका अधिकार प्राप्त हो, उन्हें बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य आदि सभी बुनियादी सुविधाएं द्रुतगति से प्राप्त हो, राज्य तीव्र गति से विकास के पथ पर अग्रसर हो, यही मेरी प्रबल इच्छा है। राज्यपाल महोदया आज राज भवन में संविधान में वर्णित पांचवी अनुसूचि के राज्य के अधिसूचित क्षेत्रों के विधायकगणों के साथ अनुसूचित क्षेत्रों में विभिन्न विकास कार्यों, परियोजनाओं के लिए अर्जित की गई भूमि से हुए विस्थापन एवं परियोजनाओं की स्थापना से विस्थापितों के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव, तथा वहां चलायी जा रही विभिन्न कल्याणकारी एवं विकास योजनाओं के क्रियान्वयन से जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभाव तथा अधिसूचित क्षेत्रों में शांति व्यवस्था एवं सुशासन का सुदृढ़ करने संबंधी चर्चा एवं उनसे सुझाव प्राप्त कर रही थी। बैठक में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास, माननीय मंत्री श्री सीपी सिंह, माननीया मंत्री डाॅ0 लुईस मरांडी, मंत्री श्री रामचंद्र चंद्रवंशी एवं अधिसूचित क्षेत्रों के विधायकगण उपस्थित थे।
इस अवसर पर माननीया राज्यपाल ने कहा कि राज्य का विकास तीव्र गति से हो, अधिसूचित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की अपेक्षित प्रगति हो, इस निमित्त उनके द्वारा राज्य से निर्वाचित सांसदों, विभागीय प्रधान सचिवों/सचिवों, समाजसेवियों एवं पत्रकारों से भी राय ली जायेगी। माननीय राज्यपाल ने कहा कि उन्हें समय समय पर राष्ट्रपति भवन को अधिसूचित क्षेत्रों के संबंध में प्रतिवेदन समर्पित करना पड़ता है, अतः वे जमीनी समस्याओं से अवगत होने एवं उनके समाधान हेतु आवश्यक उपाय हेतु आप सभी का सुझाव जानना चाहती है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि हमारे राज्य में विस्थापन एवं पुनर्वास एक बड़ी समस्या के रूप में पूर्व से ही विद्यमान है, यह कोई नई समस्या नहीं है। ऐसा भी देखा जा रहा है कि परिवार में ही मतैक्यता नहीं होने के कारण मुआवजा संबंधित बहुत से मामले लंबित हो जाते हैं। उन्होनंे कहा कि राज्य के लोगों के विकास हेतु बहुत सी कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं, लेकिन बहुत से लोगों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी नहीं रहने पर अपेक्षित लाभ प्राप्त नहीं हो पाता है। इस परिपेक्ष्य में हमारे विधायकों का भी दायित्व है कि वे विभिन्न विकास कार्यक्रमों, कल्याणकारी योजनाओं के संदर्भ में लोगों को समर्पण भाव से जागरूक करें। उन्होंने कहा कि सभी विधायकों को समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी सुलभ कराई जायेगी ताकि हमारे जनप्रतिनिधि लोगों को विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं के संदर्भ में बेहतर ढंग से जागरूक कर सकें। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों से अधिक से अधिक संपर्क स्थापित कर उनकी समस्याओं को जानकर उनका निष्पादन करने की दिशा में प्रयास किया जाना चाहिये। ऐसा करने से जनप्रतिनिधि के प्रति लोगों में विश्वास बढे़गा। उन्होंने कहा कि यह भी सत्य है कि शहरी लोगों के सामान्य लोग भी थाने में शिकायत दर्ज कराने हेतु जाने से कतराते हैं। इस परिपेक्ष्य में उन्होंने कहा कि पुलिस शासक नहीं सेवक बनकर कार्य करे। श्री दास ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य में खासकर कुपोषण एक गंभीर चुनौती है, इस दिशा में सरकार द्वारा मानदेय के आधार पर पोषण सखी की नियुक्ति करने की योजना है। माननीय मुख्यमंत्री ने नशामुक्ति हेतु सभी को पहल करने का आग्रह किया तथा इस दिशा में सभी दलगत भावना से उपर उठकर जागरुक करने का कार्य करना होगा। उन्होंने माननीय राज्यपाल महोदया को अवगत करातेैैैै हुये कहा कि जनजातीय परामर्शदात्री परिषद की बैठक में अनुसूचित जनजाति के लोगों को भूमि से संबंधित कागजातों के आधार पर ऋण सुलभ कराने की दिशा में समीक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार सुलभ कराने हेतु राज्य में
औद्योगिक प्रतिष्ठिानों की स्थापना आवश्यक है। श्री दास ने कहा कि किसानों को कृषि कार्य के साथ साथ बागवानी एवं पशुपालन की ओर भी जागरूक करने की आवश्यकता है ताकि किसानों का आर्थिक उन्नयन हो सके। इस निमित्त हमारे विधायकगण पूर्णतः सक्रियता से कार्य करें। उन्होंने सिंचाई कार्य हेतु डैम की आवश्यकता की बात भी कहीं।
नगर विकास मंत्री श्री सीपी सिंह ने कहा कि नशा आज राज्य के लोगों के विकास में बहुत बड़ा बाधक है। नशामुक्ति के लिये सघन रूप से जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने डायन प्रथा, छुआछूत जैसी समाजिक कुरीतियों के उन्मूलन हेतु व्यापक पैमाने पर जागरूकता की बात कही। माननीय मंत्री ने शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह विडंबना है कि हाल ही में नगर विकास विभाग द्वारा सिटी मैनेजर के पद पर नियुक्ति हेतु विज्ञापन निकाला गया था लेकिन विदित हो कि 22 पद पर नियुक्ति नहीं हो सकी जिसमें अधिकांशतः अनुसूचित जनजाति श्रेणी के पद थे। इसके मूल में कारण यह है कि इन श्रेणी के लोग आवश्यकतानुसार अहर्ताओं का पालन नहीं कर रह थे। उन्होंने प्रत्येक आदिवासी छात्रावास में रसोईया की व्यवस्था हेतु कहा ताकि छात्र बेहतर ढंग से शिक्षा प्राप्त कर सके। माननीय मंत्री ने कहा कि हमारे राज्य में सीएनटी अधिनियम का अक्षरशः सख्ती से पालन होना चाहिये। ग्रामीण क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति श्रेणी के एक ऐसे पदाधिकारी रहें जो वहां के रीति रिवाजों और संस्कृति से अवगत हों। उन्होंने भूमि विक्रय में बिचैलियों की भूमिका पर चिंता व्यक्त करते हुये कहा कि इस पर अंकुश लगाया जायेगा। नगर विकास विभाग द्वारा स्लम क्षेत्र में रहने वाले लोगों हेतु कल्याणकारी योजनाओं के संदर्भ में भी जानकारी प्रदान की।
मंत्री डाॅ0 लुईस मरांडी ने कहा कि राज्य का विकास तीव्र गति से हो, इस दृष्टिकोण से इस बार प्री प्लानिंग बजट निर्माण का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने सभी विधायकों से कहा कि उनकी दृष्टि में राज्य में जो भी समस्याएं हों और उनके समाधान हेतु आवश्यकता प्रतीत हो, वह लिखित रूप में दें ताकि बजट में इस संदर्भ में उपबंध किया जा सके। उन्होंने पेसा एक्ट क्षेत्र के ग्राम प्रधान को प्रखंड एवं जिला स्तर पर बैठक आयोजित कर विभिन्न विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं के संदर्भ में जानकारी देने बात कही ताकि वे ग्रामीणों को इसके प्रति जागरूक कर सकें। मंत्री ने आवश्यकतानुसार अधिसूचित क्षेत्रों में आवासीय विद्यालयों के निर्माण की भी बात कही। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी पूर्व के नियमों का सख्ती से पालन होतु रहना चाहिये, ताकि इन क्षेत्रों में शांति व्यवस्था कायम रहे।
स्वास्थ्य मंत्री श्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने राज्यपाल महोदया का राज्य के विकास के प्रति अत्यंत गंभीर होकर इस प्रकार की बैठक आयोजित करने हेतु आभार प्रकट किया तथा विभाग द्वारा किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
बैठक में विधायक डाॅ0 स्टीफन मरांडी, श्रीमती मेनका सरदार, श्री ताला मरांडी, श्री दीपक बिरूआ, श्री अनंत कुमार ओझा, डाॅ अनिल मुर्मू, श्री बादल पत्रलेख, श्री कुणाल षाड़ंगी, श्री लक्ष्मण टुडू, श्री रामचंद्र सहिस, श्री साधूचरण महतो, श्री निरल पूर्ति, श्रीमती गीता कोड़ा, श्रीमती जोबा मांझी, श्री पौलुस सुरीन, श्री रामकुमार पाहन, श्री नवीन जायसवाल, श्री जीतूचरण राम, श्रीमती गंगोत्री कुजूर, श्री शिवशंकर उरांव, श्रीमती विमला प्रधान, श्री हरिकेृष्ण सिंह, श्री रविन्द्र नाथ महतो आदि ने विकास एवं जनसमस्याओं से संबंधित अपने विचार रखे।

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