Girish Pankaj
गिरीश पंकज
सम्पादकीय सलाहकार
Arun Kumar Jha
अरुण कुमार झा
प्रधान संपादक
Rajiv Anand
राजीव आनन्द
संपादक
Vinay Kumar Mishra
विनय कुमार मिश्र
संपादन सहयोगी
• गांधी जी की शहादत • 10 लाख डॉलर कीमत की है आलू की यह तस्वीर • बिल गेट्स से दोगुनी संपत्ति है पुतिन के पास जानिए इस रईस को • षष्ठम अन्तर्राष्ट्रीय ब्लागर सम्मेलन (थाईलैण्ड) • भारत के रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर रांची के पहाड़ी मंदिर पर विश्व का सबसे ऊँचा राष्ट्रीय तिरंगा फहराकर इतिहास रचा • संगीता सिंह भावना की तीन कविताएँ • नमो पतंगबाजी की धूम • ट्रैफिक सुरक्षा सप्ताह का दूसरा दिन  • जबरा करे तो दिल्लगी, गबरू का गुनाह…!!

शत्रुघ्न सिन्हा पहुंचे आरएसएस के मुख्यालय : कोई मिलने को तैयार नहीं


नागपुर. पिछले कुछ समय से सार्वजनिक तौर पर साफ दिख रहा है कि शत्रुघ्न सिन्हा और उनकी पार्टी बीजेपी के बीच कुछ भी सही नहीं चल रहा है. लगता है कि बीजेपी और शत्रुघ्न के बीच की इस घमासान में संघ भी अब कूदने का मन बना चुका है. शनिवार को शत्रुघ्न जब संघ के नेताओं से मुलाकात करने पहुंचे तो उन्हें वहां ना केवल संघ की तरफ से, बल्कि स्थानीय बीजेपी नेताओं की ओर से भी बेहद ठंडी प्रतिक्रिया मिली. संघ ने उनकी बात सुनने या उनसे मुलाकात करने से साफ इनकार कर दिया.

सिन्हा शुक्रवार को नागपुर पहुंचे थे. उन्होंने संघ के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करने के लिए समय मांगने की बहुत कोशिश की, लेकिन संघ की ओर से मिले जवाब में उन्हें बताया गया कि सरसंघचालक मोहन भागवत और सचिव भैयाजी जोशी शहर से बाहर गए हुए हैं. सूत्रों के मुताबिक संघ के किसी भी और नेता ने शत्रुघ्न से मुलाकात करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई.

शत्रुघ्न ने हालांकि मध्यस्थों के माध्यम से संघ के साथ मुलाकात का मौका खोजने की काफी कोशिश की, लेकिन उन्हें संघ की ओर से कहा गया कि भागवत नागपुर से बाहर गए हुए हैं और शहर में केवल 22 नवंबर को ही होंगे. भैयाजी जोशी भी बाहर सफर कर रहे हैं और वह शनिवार को दिल्ली में थे. सूत्रों का कहना है कि शत्रुघ्न बिहार चुनाव के दौरान पार्टी के साथ काफी बढ़ गईं अपनी तल्खियों के बारे में अपना पक्ष संघ के सामने रखना चाहते हैं.

शत्रुघ्न को शिकायत है कि बिहार चुनाव के दौरान पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें प्रचार अभियान से बिल्कुल अलग रखा. शत्रुघ्न यह बताने की भी कोशिश कर रहे हैं कि अगर उन्होंने बिहार में प्रचार का काम संभाला होता तो पार्टी के खिलाफ ऐसी स्थितियां नहीं बनतीं.

वहीं बीजेपी सूत्रों का कहना है कि शत्रुघ्न को किनारे करने का कारण यह था कि सीएम उम्मीदवार बनाए जाने की उनकी महत्वाकांक्षा पार्टी के आड़े आ रही थी.

रविवार को जाने-माने हिंदी पत्रकार एस.एन. विनोद के 75वें जन्मदिन पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शत्रुघ्न को विशेष अतिथि के तौर पर बुलाया गया है. इसी समारोह में भाग लेने के लिए वह नागपुर पहुंचे हैं. हैरानी की बात यह है कि रविवार को होने वाले इस कार्यक्रम के लिहाज से वह काफी पहले ही शहर में आ गए हैं. सूत्रों का कहना है कि संघ के नेताओं से मुलाकात कर अपना पक्ष रखने के लिए ही वह अपने कार्यक्रम से काफी पहले नागपुर पहुंच गए.

दिलचस्प बात यह है कि नागपुर शहर से बीजेपी सांसद और केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी शत्रुघ्न से मिलने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई. हालांकि गडकरी शनिवार सुबह दिल्ली लौट आए, लेकिन शुक्रवार को वह नागपुर में ही थे. इसके बाद गडकरी ब्राजील जाएंगे और इस महीने के अंत तक ही भारत लौटेंगे.

गडकरी द्वारा शत्रुघ्न से मिलने में दिखाया गया रवैया इस बात का संकेत है कि शायद बीजेपी अब आखिरकार शत्रुघ्न को पार्टी से बाहर निकाल सकती है. लंबे समय से पार्टी उनके नखरे देखती आ रही है, लेकिन बीजेपी के सूत्रों का मानना है कि पार्टी को अब लगने लगाा है कि पिछले कुछ साल से शत्रुघ्न बीजेपी के लिए किसी मदद की जगह, परेशानी का ही कारण बने हैं.

शत्रुघ्न सिन्हा ने शनिवार का पूरा दिन अपनी आत्मकथा लिखने वाले लेखक के साथ एक होटेल में बिताया.

palpalindia.com से साभार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Youtube
Sensex

अन्य ख़बरें

Submit Your Article

Copyright © 2015. All rights reserved. Powered by Origin IT Solution