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जीटीआरटीसी दुमका के छात्रों का भविष्य अधर में प्रमाण पत्र की मान्यता नहीं।


दुमका जिले के जरदाहा स्थित गवर्नमेंट टुल रूम एंड टेनिंग सेंटर के सत्र 2011-15 के छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। छात्रों ने झारखंड काउंसलिंग द्वारा नामांकन नहीं होने पर नाराजगी जतायी है। छात्रों ने बताया की दीपक कुमार व बैद्यनाथ कुमार के कागजात को काउंसलिंग ऑफिस से रिजेक्ट कर दिया गया। छात्रों का आरोप है कि हमारे प्रमाण पत्र की मान्यता स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेषन से नहीं है। जिसके कारण हमें आगे नामांकन लेने में भी समस्या आ रही है। जबकि छात्रों का कहना है कि उनके प्रोविजनल सर्टीफिकेट में एसबीटीई झारखंड से मान्यता प्राप्त होने की बात साफ तौर पर लिखी गयी है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि हमारे सर्टीफिकेट में कोई भी सीरियल नंबर एवं सर्टीफिकेट नंबर अंकित नहीं है।
छात्रों ने बताया हम सभी छात्रों को प्लेसमेंट के नाम पर दिग्भ्रमित किया गया। उनका कहना है कि टुल एंड डायमेकिंग पाठ्यक्रम को मेकेनिकल के समकक्ष
मान्यता अब तक नहीं मिल पायी है। इसके कारण छात्रों को सरकारी संस्था में नौकरी भी नहीं मिल पा रही है।छात्रों ने बताया कि डीटीडीएम कोर्स उद्योग विभाग द्वारा चलाया जा रहा है। उसके बाद भी उद्योग मेला में भी मैकेनिकल से प्रमाणित नहीं होने की बात कही जाती है। संस्थान द्वारा बताया जा रहा
है कि एमएसएमई द्वारा अनुदान मिलने की बात बतायी जा रही है लेकिन एमएसएमई की बेवसाइट में जीटीआरटीसी दुमका का नाम नहीं है। इसके अलावा बैच 2011-15 के छात्रों को पिछले दिनों सर्टिफिकेट लेने के लिए संस्थान बुलाया गया।
प्राचार्य के नहीं रहने पर रात में संस्थान में ही विलंब हो जाने पर छात्रों को हॉस्टल में नहीं रहने देने ,छात्रावास सुरक्षा राषि वापस नहीं करने , देर रात को छात्रावास से निकालने की धमकी दी गयी। छात्रों ने कहा कि कि यदि हमारे साथ न्याय नहीं हुआ तो हम उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगें। प्राचार्य के उदासीन रवैये के कारण छात्र गुस्से में हैं।

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