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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही विकसित राष्ट्र का निर्माण होता है : रघुवर दास


कौशल विकास

(एन0ई0पी0) 2016 पर आयोजित सेमिनार का उद्घाटन करते मुख्यमंत्री 

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही विकसित राष्ट्र का निर्माण होता है, समाज में फैली विकृतियां अच्छी शिक्षा नीति से ही समाप्त होती है। नैतिक, आध्यात्मिक एवं कौशल विकास से संबंधित शिक्षा स्कूल से ही प्रारम्भ होनी चाहिए। आजादी के बाद से ही देश में शिक्षा नीति हेतु समितियां बनती रही हैं परन्तु गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना आज भी चुनौती बनी हुई है। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री दास ने स्थानीय होटल बी0एन0आर0 चाणक्या में रिजनल कन्सेलटेटिव मिटिंग, सेन्ट्रल रीजन आॅन न्यू एजुकेशन पाॅलिसी (एन0ई0पी0) 2016 पर आयोजित सेमिनार में कही।
श्री दास ने कहा कि शिक्षक समाज के गौरव हैं। हमारा भारत कैसा हो, हमारा झारखण्ड कैसा हो इसका दायित्व शिक्षकों के हाथ में है। शिक्षक आने वाले पीढी़ के संरक्षक हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में कमियां एवं खामियां दूर करने हेतु शिक्षाविद्ों का योगदान आवश्यक है। नई शिक्षा नीति को कैसे प्रभावशाली बनाया जाए इसे शिक्षकगण बेहतर समझते हैं। अतएव नई शिक्षा नीति के निर्धारण में आपलोगों की सक्रिय भूमिका होनी चाहिए। शिक्षण संस्थानों का बाजारीकरण नहीं होना चाहिए। सभी छात्र-छात्राओं चाहे वे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक या पिछड़ा वर्ग के हों सब को एक समान शिक्षा मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री दास ने कहा कि शिक्षकगण गुरू-शिष्य के संबंध को आत्मसात करें। सेवा भावना से कार्य करें। शिक्षक राष्ट्र के निर्माता हैं। आप बच्चों के भविष्य को गढ़ते हैं। आज के भौतिकवादी युग में लोग यश से अधिक धन को महत्व दे रहे हैं। आप यश कमाएं, क्योंकि आनेवाली पीढ़ी आपके यश का गुणगान करेगी, धन का नहीं। उन्होंने कहा कि आज डिग्री से अधिक महत्व कौशल का हो रहा है। अतः कौशल विकास पांचवीं, छठी कलास से ही शुरू होनी चाहिए। भारत में आज कौशल विकास मात्र 32 प्रतिशत है, जो विकसित देशों की तुलना में बहुत कम है, इस दूरी को पाटने की आवश्यकता है ताकि विकसित देशों की अग्रिम पंक्ति में अपने देश को खड़ा किया जा सके।

(एन0ई0पी0) 2016 पर आयोजित सेमिनार

(एन0ई0पी0) 2016 पर आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री 

यह आयोजन नेशनल काॅन्सिल फोर टीचर एजुकेशन नई दिल्ली (एन0सी0टी0ई0), उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, झारखण्ड सरकार तथा रांची यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित की गई है। इस सेमिनार में विभिन्न 13 थीम पर विचार विमर्श होना है, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण थीम इस प्रकार हैं- वोकेशनल एजुकेशन सिस्टम, क्वालिटी टीचर, क्वालिटी एजुकेशन, ड्रापआउट स्टुडेंट, न्यू टेक्नोलाॅजी, ई0-गर्वनेंस इत्यादि।
इस अवसर पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक को विभिन्न क्षेत्रों का ज्ञान होना चाहिए ताकि जिस क्षेत्र में जो छात्र जाना चाहे उस दिशा में उनका मार्गदर्शन कर सकें। मेक इन इण्डिया तभी सफल होगा जब शिक्षण संस्थानों में योग्य शिक्षक होंगे तथा कौशल विकास का कोर्स भी होगा।
रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ0 रमेश कुमार पाण्डेय ने रांची यूनिवर्सिटि को सरकार द्वारा भूमि आवंटित करने पर मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि इस विश्वविद्यालय को 60 वर्षों के पश्चात भूमि मिल पाई है।
इस अवसर पर तीनों विश्वविद्यालयों के कुलपति, ख्यातिप्राप्त शिक्षाविद् एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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